सोच का फल ! सफल व असफल बनाने वाली सोच – Soch Ka Fal Best Hindi Story
एक गाँव में दो दोस्त रहते थे. एक का नाम मनोज और दूसरे का नाम अजय था और उनका काम था की वे पूरे दिन कुछ भी नहीं करते थे. अपना समय बस बैठे – बैठे गुजार देते थे.
एक दिन बैठे – बैठे उन दोनों ने देखा की उनकी गाँव की औरते एक किलोमीटर दूर नदी से पानी का मटका भरकर लाती है. क्योंकि उनके गाँव में सुखा था और पानी की कमी थी तो औरतो को बहुत दूर से पानी लाना पड़ता था. वे औरते दिन में दो बार पानी लेने जाती थी लेकिन फिर भी पानी की पूर्ति नहीं हो पाती.

सोच का फल
Soch Ka Fal Best Hindi Story
उन दोनों को एक आईडिया आया की क्यों न वे दोनों पानी लाना शुरू कर दे और गाँव में जिसको भी पानी की जरूरत होगी वे उनसे एक मटके का 25 – 25 पैसे लेंगे. उन दोनों ने अपना यह काम शुरू कर दिया. पहले कुछ दिन तक वे 10 मटके लाते थे. फिर 20 लाने लगे और कुछ महीनो बाद 40 – 40 मटके लाने लग गये. यही करते – करते उनको पाँच साल बीत गये.
एक दिन मनोज ने अजय से बोला ” , यार ! ऐसा कब तक चलता रहेगा, कब तक हम ये मटके लाते रहेंगे. आज मेरे हाथ – पैर चल रहे है तो मैं यह ला पा रहा हूँ, अगर मुझे कल कुछ हो गया, मैं बीमार पड़ गया तो मेरे घर का चूल्हा कैसे जलेगा. मैं अपने और अपने घरवालो को कैसे पालूंगा.
मनोज की बात सुनकर अजय बोला ”, अरे क्या जरुरत है, सही तो चल रहा सब. अब तू क्या करना चाहता है. सही तो है अच्छी खासी कमाई हो रही है. तुझे पता नहीं क्या पड़ी है.
मनोज फिर बोला, ” मैं अपनी स्थिति से संतुष्ट नहीं हूँ. मुझे तो कुछ करना है. मैं ऐसे ही अपना जीवन नहीं बिता सकता. यह कहकर मनोज अगले ही दिन दूसरे गाँव में चले गया.
जब मनोज दूसरे गाँव गया तो उसने वहां देखा की एक आदमी एक लम्बे पाइप में सुरई डाल कर पानी ला रहा है. तो उसके दिमाग में एक आईडिया आया की क्यों न एक ऐसी पाइप बना ली जाए जो नदी से हमारे गाँव तक आ सके.
अगर ऐसा हो गया तो पानी की सारी मुश्किल ही खत्म हो जाएगी. उसने पाइप बड़ा करने के तरीका ढूँढना शुरू कर दिया और अपने इस काम में जी – जान से जुट गया. उसके सामने हजार मुश्किलें आई पर उसने हार नहीं मानी. अगले तीन महीने बाद मनोज सफल हो गया और उसने नदी से गाँव तक पाइप लगाकर पानी गाँव तक पहुंचा दिया.
अब वह गाँव में ही लोगो को 15 पैसे में एक मटका देने लगा. इससे दूर – दूर से लोग उसके पास पानी लेने आने लगे और वह एक दिन में हजारो मटके पानी बेचने लगा. कुछ महीने बाद उसने दूसरे कई गाँवो में यह काम शुरू कर दिया और कुछ ही समय बाद वह अपने आस – पास के पूरे इलाके के सबसे अमीर व्यक्ति बन गया.
जो उसका दोस्त था अजय. वह अब बेरोजगार हो गया था और अपनी लाइफ देखकर पछतावा कर रहा था.
दोस्तों ! आज अधिकतर लोग अजय वाली ज़िन्दगी जीने को मजबूर है. वो वही कर रहे जो समय उनसे करवा रहा है. भले ही वह अपनी लाइफ से बिलकुल भी संतुष्ट न हो पर अपने जीवन के गुजारे व चंद पैसो को खोने के डर से वह अपनी लाइफ में आगे बढ़ने का कोई स्टेप उठा नहीं पाते. जिसका नतीजा है की वह ऐसी लाइफ जीने को मजबूर है जो उनको बिलकुल भी पसंद नहीं.
अगर आप भी अपनी लाइफ में ऐसी ही स्टेज पर फंसे हो तो इस सिचुएशन से निकलने के लिए प्लान बनाये और फिर उस प्लान के मुताबिक जी – जान से जुट जाए.. एक दिन आपको आपकी मंजिल मिल जायेगी. कभी भी पैसो के पीछे मत भागिए बल्कि अपने काम को बेहतर और बड़ा करने की सोचिये. अगर आपका काम बढ़ने लगा तो पैसा अपने आप आपके पीछे आएगा.
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Thanks for your extremely motivational and directional story.
सही कहा आपने अच्छी सोच ही आदमी को सफल बनाती है।
हिम्मत बढ़ा देने वाली कहानी. बहुत ही अच्छी लगी उम्मीद है ऐसी ही कहानियां हमें आगे भी पढने को मिलती रहेंगी.
मै भी कुछ एसे ही स्थीती से गूजर रहा हँू| मूझे यह काहनी पड़कर बहूत आच्छा लगा|
Very nice and motivational story…….Hard work yadi sahi disha me kiya jaye to kuch bhi hasil kiya ja sakta hai…….
बहुत ही अच्छी कहानी Share की है आपने सुरेंद्र जी,
अगर हमें जीवन में आगे बढ़ना है तो कुछ नया तो करना ही पड़ेगा और साथ ही साथ Risk भी उठानी ही पड़ेगी। धन्यवाद यह कहानी हमारे साथ share करने के लिए।
Wow this is an amazing thinking.
Mehnat karne se kismat ki rekhaye badal jati hai,Good very good;